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सुन लो नाथ हमारी विनती

सुन लो नाथ हमारी विनती
नाम जपें जब भूलें गिनती

शिरडी का लगवा दो फेरा
प्रभु बना लो अपना चेरा

मन मंदिर में साईं साजो
हृदय में आ नाथ विराजो

मैं और मेरा साईं प्यारा
केवल तेरा रहे सहारा

आंखे मूंदूं कर जब जोडूं
सब दुनिया से नाता तोडूं

तुझको बस तुझको ही ध्याऊं
परम नाथ को भीतर पाऊं

जय साईं राम

http://forum.spiritualindia.org/sai-baba-poems/गुरु-से-प्रार्थना-t21710.0.html
 

January 17, 2008, 05:27:54 AM

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