ओम साईं राम
अगर इस दुनिया में कोई
किसी की उलझन को सुलझाता है
तो सच जानिये अभिनव भाई
मेरा साईं ही सुलझाता है
वो बात और है कि हर बार
वो खुद सामने नहीं आता है
किसी भी शख्स को अपना जरिया बनाता है
उसका हाथ पकडता है और मनचाहा लिखवाता है
ऐसे वो अपने प्यारे भक्तों की
गुत्थियों को सुलझाता है
क्योंकि वो ही परम दयालु है
करुणा सागर है, दीनों का दाता है
जय साईं राम
http://forum.spiritualindia.org/sai-baba-poems/बाबा-की-यह-व्यथा-t21646.15.html
January 17, 2008, 05:23:47 AM