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मेरे सांई सर्वाधार , मेरे जीवन के तुम सार,

ॐ सांई राम~~~

मेरे सांई सर्वाधार , मेरे जीवन के तुम सार,
दो अक्षर का नाम तुम्हारा ,सब से सुन्दर सब से प्यार,
कहने को तो दो अक्षर है "सांई "
पर सारी स्रष्टी का सार समाया है ,
हर पल जो भी हो रहा
सभी श्रा सांई की माया है!

सुख दुख दोनों इनके बस में,
इनका अन्त कही नहीं पाया है!
मुझे भी अपनाओं सांई जी ,
मुझे भी दासी बनाओं सांई जी ,
इक बार इक झलक दिखाओं सांई जी ,
दासी को पार लगाओं सांई जी!!!

सांईराम ~~~~~

http://forum.spiritualindia.org/sai-baba-poems/ऐसे-हैं-हमारे-साईं-t20000.0.html;msg130023

जय सांई राम~~~

December 25, 2007, 02:12:31 AM

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