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हर बार की तरह फिर

जय सांई राम।।

http://forum.spiritualindia.org/sai-baba-poems/बाबा-की-यह-व्यथा-t21646.0.html;msg133353

हर बार की तरह फिर
सुरेखा बहन जी आई हैं
फोरम को निशब्दों का
एक नया आयाम देने...

बाबा सांई जिनके साथ हो
उन मतवालों दीवानों को....

बिना कहे सब कुछ
कहना आ जाता है
बिना बताये सब कुछ
बताना आ जाता है....

जिस तरह रोशनी
के पास बैठो
रोशनी खुद ब खुद
रोऐं रोऐं को
सर्पश कर जाये मानो...

द्वारकामाई वाली सुगंध
चाहे तुम्हारे नासापुट
सक्रिय न भी हों
तुम्हारे फेफड़ों तक पहुंच जाए...

वाह सुरेखा वाह...

तुम्हारे निशब्दों में भी बाबा सांई का वास हो।

अपना सांई प्यारा सांई सबसे न्यारा अपना सांई

ॐ सांई राम।।।

December 21, 2007, 09:25:02 AM

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