जय सांई राम।।।
हारना ना कभी कि तू किसी की हिम्मत है
हर ख्वाब सजाने से पहले 'उसे' तेरी याद आती है
उम्मीदें यूँही टूटें नही दोस्त
कि कटी शाख पे भी कंही एक बीज होता है
सपने और आंसू दोनो अपने हैं
उन्हें साथ लेकर सब चलते हैं
तू क्यों रुका है आंसू देखकर
बना ले उम्मीद की राहें कि तुझे आगे बढ़ना है
दूर है फिर भी तेरी याद 'मेरे' संग है
किनारे पे कभी कभी लहरें आती है
खता ना करना कभी खुद से कि
तेरे आंसू 'मेरी' सबसे बड़ी हार है।
अपना सांई प्यारा सांई सबसे न्यारा अपना सांई
ॐ सांई राम।।।
http://forum.spiritualindia.org/sai-baba-poems/हमारी-मांगें-पूरी-करो-t20105.0.html;msg108940
December 25, 2007, 02:17:32 AM