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तुने मेरी जीवन नैया दरिया पार है लायी

तुने मेरी जीवन नैया दरिया पार है लायी
मेरे साई ओ मेरे साई मेरे साई

अँधेरा ही अँधेरा मन में भटक रहा था मैं बन बन में
अँधेरा ही अँधेरा मन में भटक रहा था मैं बन बन में
तेरे ही चरणों मैंने नई रौशनी पाई मेरे साई ओ मेरे साई मेरे साई

कोई नही था वारी मेरा दामन भी था खाली मेरा
कोई नही था वारी मेरा दामन भी था खाली मेरा
राम तुही और अलह तुही राम तुही और अलह तुही सबकी करे भलाई
मेरे साई ओ मेरे साई मेरे साई

दर्शन की यह आस है मेरी बाबा करदी तुने पूरी
दर्शन की यह आस है मेरी बाबा करदी तुने पूरी
तुही दाता तुही विधाता तुही दाता तुही विधाता भक्त गणों के भाई
मेरे साई ओ मेरे साई मेरे साई

बाबा तेरी नेक दुआ से जीवन सबका पार हुआ है
बाबा तेरी नेक दुआ से जीवन सबका पार हुआ है
झूम उठा यह तनमन सारा झूम उठा यह तनमन सारा तेरी महिमा गाई
मेरे साई ओ मेरे साई मेरे साई 

तुने मेरी जीवन नैया दरिया पार है लायी
मेरे साई ओ मेरे साई मेरे साई

http://forum.spiritualindia.org/bhajan-lyrics-collection/बाबा-की-महिमातन-मन-की-सूद-बिसर-गई-है-t21949.0.html;msg141224
 

January 15, 2008, 10:15:34 AM

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